Hindi Viyakaran Model Paper


सर्वनाम के रूपान्तर (लिंग, वचन और कारक)

सर्वनाम का रूपान्तर पुरुष, वचन और कारक की दृष्टि से होता है। इनमें लिंगभेद के कारण रूपान्तर नहीं होता। जैसे-
वह खाता है।
वह खाती है।

संज्ञाओं के समान सर्वनाम के भी दो वचन होते हैं- एकवचन और बहुवचन।
पुरुषवाचक और निश्र्चयवाचक सर्वनाम को छोड़ शेष सर्वनाम विभक्तिरहित बहुवचन में एकवचन के समान रहते हैं।

सर्वनाम में केवल सात कारक होते है। सम्बोधन कारक नहीं होता। 

कारकों की विभक्तियाँ लगने से सर्वनामों के रूप में विकृति आ जाती है। जैसे-

मैं- मुझको, मुझे, मुझसे, मेरा; तुम- तुम्हें, तुम्हारा; हम- हमें, हमारा; वह- उसने, उसको उसे, उससे, उसमें, उन्होंने, उनको; यह- इसने, इसे, इससे, इन्होंने, इनको, इन्हें, इनसे; कौन- किसने, किसको, किसे।
सर्वनाम की कारक-रचना (रूप-रचना)

संज्ञा शब्दों की भाँति ही सर्वनाम शब्दों की भी रूप-रचना होती। सर्वनाम शब्दों के प्रयोग के समय जब इनमें कारक चिह्नों का प्रयोग करते हैं, तो इनके रूप में परिवर्तन आ जाता है।


('मैं' उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम)

कारकएकवचनबहुवचन
कर्ता मैं, मैंनेहम, हमने
कर्म मुझे, मुझकोहमें, हमको
करण मुझसेहमसे
सम्प्रदान मुझे, मेरे लिएहमें, हमारे लिए
अपादान मुझसेहमसे
सम्बन्ध मेरा, मेरे, मेरीहमारा, हमारे, हमारी
अधिकरण मुझमें, मुझपर हममें, हमपर

('तू', 'तुम' मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम)

कारक एकवचनबहुवचन
कर्ता तू, तूनेतुम, तुमने, तुमलोगों ने
कर्म तुझको, तुझेतुम्हें, तुमलोगों को
करण तुझसे, तेरे द्वारातुमसे, तुम्हारे से, तुमलोगों से
सम्प्रदान तुझको, तेरे लिए, तुझेतुम्हें, तुम्हारे लिए, तुमलोगों के लिए
अपादान तुझसेतुमसे, तुमलोगों से
सम्बन्ध तेरा, तेरी, तेरेतुम्हारा-री, तुमलोगों का-की
अधिकरण तुझमें, तुझपरतुममें, तुमलोगों में-पर

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